महाशिवरात्रि का यह महत्व आप नहीं जानते हैं MahaShivratri

महाशिवरात्रि की रात को जागने के पीछे बहुत ही महत्वपूर्ण वैज्ञानिक ठोस कारण भी है। इस रात ग्रह का उत्तरी ध्रुव इस तरह स्थापित हुआ रहता है कि natural way से ही मनुष्य की जो सकारात्मक ऊर्जा सहस्त्रार चक्र की तरफ यानी शरीर के ऊपरी तरफ बह रही होती हैं। प्रकृति खुद मनुष्य की मदद करती हैं आध्यात्मिक उन्नति के लिए एवम जो ऊर्जा उत्पन्न हुई हैं उसे सही तरीके से channelized करने के लिए।

धार्मिक मान्यता के अनुसार महाशिवरात्रि का संपूर्ण लाभ spiritual power’s का मिल सके इसलिए शास्त्रों में महाशिवरात्रि को रात भर जागरण और मेरुदंड सीधा करके बैठने की बात कही गई हैं। ताकि भक्तो की शारीरिक व्याधि दूर होकर मानसिक और आध्यामिक उन्नति हो सके।

इस दिन शरीर मे सकारात्मक उर्जा का संचार होता हैं। साथ ही आध्यात्मिक राह पर आगे बढ़ने के लिए सबसे उचित दिन माना जाता हैं। यह नास्तिको के लिए भी अध्यात्मिक उन्नति का दिन माना जाता हैं।

हर हर महादेव

महाशिवरात्री साधना

महादेव शिव शंकर को सबसे सरल देवता माना जाता हैं। इसीलिए उन्हे भोलेनाथ भी कहते हैं। उन्हे मनाने के लिए भी सरल ऊपासना और साधारण भक्ती भावना से ही भगवान शिव जल्दी ही प्रसन्न हो जाते हैं।

यह प्रचलित मान्यता है कि समुद्र मंथन के दौरान निकले विष को भगवान ने संपूर्ण संसार की रक्षा के लिए विषपान किया था। उस विष को हमेशा के लिए अपने कंठ में स्थापित कर लिया था। जिस कारण भगवान शिव को नीलकंठ भी कहा जाता हैं।

उस विष के कारण भगवान शिव के शरीर में उथल पुथल मच गई थी। विष की उष्णता को कम करने के लिए और शीतलता प्रदान करने के लिए दूध से अभिषेक किया जाता हैं। शिव का अर्थ है शक्ति या ऊर्जा।

महाशिवरात्रि की पूजा

महाशिवरात्री के दिन शिवजी के अभिषेक का एक विशेष महत्व है। सभी भक्तजन महाशिवरात्रि के दिन मंदिरों में पूजा अर्चना , प्राथना करने के लिए जाते हैं। इस दिन शिवलिंग पर जल, दूध, भांग, बेलपत्र, धतूरा, फूल, फल, शहद, धूप, पान के पत्ते, मिठाई आदि चढ़ाकर पूजा की जाती हैं।

महाशिवरात्री के दिन ॐ नमः शिवाय का जप रूद्राक्ष की माला से जरुर कर सकते हैं। रूद्राक्ष माला से करने के पीछे भी ये एक कारण है कि रूद्राक्ष में भी दो शब्द छीपे है। रुद्र और अक्ष ये भगवान शिव के आंसुओ से रूद्राक्ष की उत्पति हुई थी।

रूद्राक्ष की माला से जप ने से भगवान शिव का हमे आशीर्वाद प्राप्त हो सकता हैं। हमारे चंचल मन में स्थिरता आती हैं और मन शांत होता हैं। जीवन के दुःख मिटते है, निराशावादी से आशावादी बनते है। दिल की धड़कन में अस्थिरता से स्थिरता आने लगती हैं।

रक्तचाप भी नियंत्रित हो सकता हैं। क्रोध पर काबू पा सकते हैं। मन में दया भाव प्रेम समर्पण का भाव उत्पन्न हो सकता हैं। ॐ नमः शिवाय का जप आप चलते फिरते या रोज की दिनचर्या करते हुए। कोई भी आपका कार्य करते हुए यहां तक की यात्रा करते हुए भी जाप कर सकते हैं।

आप जितने ज्यादा जप सच्ची दिल से सच्ची श्रद्धा से महादेव के स्मरण में करेंगे उतने ही अपने आपको जीवन के हर संकट से निकलता हुआ पा सकते हो। तन मन से भगवान शिव के शरण में जाकर स्वयं को समर्पित करके तो देखिए । फिर देखिए क्या जीवन में होता बदलाव और चमत्कार।

महाशिवरात्रि उपवास

महाशिवरात्रि के दिन सच्चे दिल से भक्ती भावना से भगवान शिव के लिए व्रत रखा जाए तो जीवन में जानें अनजाने जो भी पाप किए वह नष्ट हो सकते हैं। यहीं कारण है कि महाशिवरात्रि के व्रत को सभी व्रतो का राजा कहा जाता हैं।

इस दिन उपवास रखने से प्राकृतिक तरीके से भी हमारे शरीर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होने लगता हैं। जिससे हमारे मन में एक शान्ति, सुकून का एहसास हो सकता हैं। शिवलिंग जो कई ब्रह्मांडीय ऊर्जा का स्त्रोत हैं इसीलिए शिवलिंग पर बिल्वपत्र, दूध इत्यादि विधिवत से पूजा की जाए सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता हैं साथ सौभाग्य में भी वृद्धि हो सकती हैं। आपकी सारी इच्छाएं, मनोकामनाएं भी पूर्ण हो सकती हैं।

महा शिवरात्रि पर्व विशेष महत्व

महाशिवरात्रि का दिन भगवान शिव और माता पार्वती के मिलन का दिन है। शिवरात्री के दिन ही भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह सम्पन्न हुआ था। महाशिवरात्रि बोधिसत्व का पर्व है।

बोधिसत्व एक ऐसा पर्व कहा जाता हैं जिसमें साधना करने पर साधक को एहसास होता हैं कि हम भी शिव का ही अंश है। शिवजी मेरी अंतरात्मा में समाए हुए हैं। साधक खुदको शिव के संरक्षण में सुरक्षित महसूस करते हैं।

शास्त्रों में भी ऐसा माना जाता हैं कि श्रृष्टि की संरचना भी इसी दिन अर्धरात्रि को भगवान शिव का निराकार रूप से साकार रूप में अवतरण से हुआ था।

ॐ नमः शिवाय 🙏🙏

Black Magic काला जादू खत्म करने की दुआ इन हिन्दी, उपायों के साथ/ kala jadu khatm karne ki dua in hindi

हरे कृष्णा राधे कृष्णा

Black Magic सच मे एक ऐसा magic है जिसमे इनसान जिंदगी भर इसमें घुलता रहता और रोज तिल तिल कर मरता । निर्दोष होते हुए भी सजा भुगतना हैं काला जादू, इसको करने वाले खुद एक डरपोक और बुजदिल किस्म के इनसान होते है। वे खुद ये बात अच्छे से जानते है कि वे खुद गलत इनसान है इसलिए उनमें इतनी हिम्मत नहीं होती सच का सामना करने की और वे पीछे से आक्रमण करते है चुपके से चोरों की तरह काला जादू जैसे या टोना टोटका के माध्यम से।

फिर भी काला जादू एक काली सच्चाई है इस दुनियां की तो जो भी मुझे ज्ञान है वह मैने आपके लिए प्रस्तुत किया है।

काला जादू खतरनाक

काला जादू एक मानसिक रोग है जिसमे अच्छे इनसान को दिमागी हालात बिगाड़ कर उसे पागलपन या मानसिक रोगी तांत्रिक क्रियाओं द्वारा बना दिया जाता हैं।

काला जादू एक वशीकरण प्रक्रिया हैै यह तंत्र मंत्र विद्या का उपयोग करके सामने वाले को विवश किया जाता हैं। कुछ भी कार्य करने के लिए जो victim है वह बुरी तरह काला जादू की विनाशकारी चक्रव्यूह में फंस जाता हैं।

कई लोगो को तो ये भी नहीं समझ आता कि उनके उपर काला जादू जैसे भी कोइ प्रक्रिया हुई हैं और हो रहीं हूं। जैसे कोइ भी विद्या का सदुपयोग और दुरुपयोग दोनों कर सकते है वैसे ही कुछ लोग धनदौलत की लालच में इसका दुरूपयोग भी करते हैं।


काला जादू करने वाले जब काला कार्य ही कर रहे है तो जरुरी ही है ये तामसिक क्रिया से ही करेंगे। ये बहुत खतरनाक क्रिया करने वाले के लिए भी और करवाने वाले के लिए भी। यदि आधी अधूरी जानकारी हो या कोइ सामने वाले कोई करवाने वाले से भी ज्यादा स्ट्रॉन्ग हो और यदि उसने ये उर्जा जो भेजी गई उसको भेजने वाले को ही रिवर्स रिटर्न की प्रक्रिया शुरू कर दी तो यह जानलेवा भी साबित हो सकती साथ ही ये भी जान ले की ऐसे लोगो को काला जादू करने वाले को मृत्यु के बाद भी मुक्ति मिलना असंभव हो सकता हैं।


जिन लोगों को ऊर्जा का ज्ञान होता हैं वहीं लोग ये क्रिया कर सकते हैं। ये सब ऊर्जा का खेल है। ये भी एक वैज्ञानिक प्रक्रिया है पर विज्ञान भी इसे नहीं मानता। काला जादू किए हुए इन्सान को काला जादू के चुंगुल से निकलने यदि कोइ व्यक्ति मिल जाए तो स्वयं को भाग्यवान समझिए क्युकी काला जादू किए हुए लोगो की मृत्यु उसीमे ही हो जाती जो कि मृत्यु के बाद भी मुक्ति नहीं मिलती और अगले जन्ममें भी ये नकारात्मक ऊर्जा साथ चलती रहती हैं।

काला जादू खत्म करने की दुआ कीजिए और इससे हमेशा के लिए मुक्ति मिले।

काला जादू ट्रिक

काला जादूकी भी विभिन्न ट्रिक हैं। इसमें अवचेतन मन के उपर या aura body का उपयोग किया जाता हैं। जो victim हैं उसके उपयोग की हुई वस्तुओं पर ये प्रक्रिया की जाती हैं। क्युकी इस्तेमाल की हुई वस्तु में victim की ऊर्जा संग्रहित होती तो ये प्रक्रिया करने में और आसानी हो जाती हैं। ये एक सुपर नेचुरल पॉवर है।

जो लोग दूसरों की ख़ुशी से सफलता से जलते हैं। जो ख़ुद की मेहनत से सफल नहीं हो सकते ईर्ष्या वश ये कार्य करते हैं। इसके भी प्रकार हैं।

मारक स्थिति_

इसमें victim मृत्यु ही हो जाएं ऐसे जबरदस्त प्रक्रिया कर दी जाती हैं। उसे इतना कष्ट दाई जीवन महसूस होता कि उसका दिमाग आत्महत्या करने की सोचने लगता है कभी कभी। ऐसे में यदि उसका आत्मबल और ग्रह दोनों कमजोर हो तो कुछ भी हो सकता हैं।

वशीकरण ____

इसमें victim को वश में करने के लिए किया जाता हैं उसे किसी भी खाद्य पदार्थ में चुपके से चोरी से उसको बिना पता चले खिला दिया जाता हैं। ताकि victim उसके कहे अनुसार चले करने वाला victim को चाहे जैसा उंगलियों पर नचा सके। स्तंभनइसके द्वारा किसी के भी चलते व्यापार को ठप किया जा सकता।

अच्छी चलती नौकरी तक छूट सकती हैं। victim के व्यापार के ऊपर ही क्रिया कर दी जाती हैं जिससे victim के ग्राहक कम होने लगते हैं। बुद्धि नहीं चलती व्यापार में गलत निर्णय लेने लगते है नौबत यहां तक कि आपका अच्छा चलता व्यापार बंद भी हो सकता है। ये सब काला जादू ट्रिक हैं।

मन उच्चाटन

उच्चाटन ऐसी क्रिया कर दी जाती की victim का मन हमेशा घबराता रहता उसे अपनी शक्ति बिलकुल खत्म हो गई ऐसा महसूस होता रहता। उसका किसी भी बात में मन नही लगता, ना कोई काम में ना कोई रिश्तेदारी में। उसे अकेले रहना अच्छा लगता है।

आत्मबल और मारक स्थिति

इसमें victim मृत्यु ही हो जाएं ऐसे जबरदस्त प्रक्रिया कर दी जाती हैं। उसे इतना कष्ट दाई जीवन महसूस होता कि उसका दिमाग आत्महत्या करने की सोचने लगता है कभी कभी। ऐसे में यदि उसका आत्मबल और ग्रह दोनों कमजोर हो तो कुछ भी हो सकता हैं।

काला जादू शत्रु नाश

काला जादू करने वाले अधिकतर कोई बाहर के नहीं हमारे आस पास पहचान के लोग ही हो सकते हैं। जिनके मन में ईर्ष्या की प्रबल भावना होती हैं पर मुंह से कुछ भी व्यक्त नहीं और अंदर ही अंदर ये खेल खेलते की victim की भी हानि होती रहे वह तड़पता रहे ये उसको तड़पता देख मन ही मन आनंदित होते रहें। पर देखिए रात के बाद सवेरा होता ही है। ईश्वर हर जगह मौजूद है हमारी रक्षा के लिए। आपको जब भी कोई शंका हो निम्नलिखित उपाय कर सकते हो।

  1. रोज सरसों के तेल में नमक मिलाकर मालिश करिये पूरे शरीर के उपर फिर स्नान कर लीजिए।

2. सात भीमसेन कपूर और सात फूल वाली लौंग लेकर victim के ऊपर से सात बार शरीर के चारो ओर और फिर forehead के उपर तीन बार circle में घुमाकर और अब इस उतारा को उतारकर जला दीजिए ।

3. नींबू को victim के ऊपर से इक्कीस बार उतारकर चौराहे पर डाल दीजिए।

4. crystal शिफ्ट भी कर सकते उनके तकिए और बिस्तर के नीचे। जो particular crystal मै अपने स्पेशल मंत्र से चार्ज करके देती हूं।

5. वीडियो में और भी डिटेल दिया हैं आप वीडियो जरुर देखिए अधिक जानकारी के लिए।

इस तरह से आप काला जादू शत्रु नाश कर सकते हैं।

धन्यवाद् ॐ नमः शिवाय

आप दोनों वीडियो जरुर देखिए वीडियो में और भी details बताया है।

ऐसे उपाय जिसे करने से होती हैं घर में धन की वृद्धि

माता लक्ष्मी जिस घर में प्रवेश करने वाली होती हैं उस घर के लोगो की जिंदगी की कायापलट हो जाती हैं। माता लक्ष्मी का जिस घर में वास होता है वहा खुशाली प्रसन्नता छाई रहती हैं। रुपए पैसों की कोई कमी नहीं दिखाई देती हर बात और कार्य में उन्नति और सफलताएं दिखाई देती हैं। पर माता लक्ष्मी हमारे घर में या हमारे पास हमेशा विराजमान इसके लिए भी कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी नहीं तो माता लक्ष्मी को रूठने में देर नहीं लगती।

माता लक्ष्मी जी का स्वरूप अत्यंत सुंदर और आकर्षक है। माता लक्ष्मी जी सिर्फ़ धन प्राप्ति के लिए ही नहीं पूजी जाती बल्कि हम उनसे कामना करते हैं कि हम जितनी मेहनत कर रहे हैं उस मेहनत का हमे उचित फल मिल सके।

माता लक्ष्मी जी चंचला नाम से भी प्रसिद्ध हैं। धन का जो गुण स्वाभाव हैं वह एक जगह टिककर नहीं रहना हैं। घूमते रहना है तो आज हम ये धन हमारे पास किस तरह टिके और उसके हम क्या क्या उपाय कर सकते हैं। मेहनत का उचित फल भी मिले और माता लक्ष्मी जी का आशीर्वाद भी हमारे सिर पर बना रहें हमेशा।🙏

धन आने के उपाय

1..धन भी एक उर्जा का ही स्वरूप है। रुपए पैसे में इलेक्ट्रॉन energy है। इलेक्ट्रॉन एनर्जी से ख़ुद को कनेक्ट करिए पॉजिटिव विचारों से पॉजिटिव एनर्जी क्रिएट करके।

2. धन को हमेशा एक ही जगह संचित करके मत रखिए धन जो एक ऊर्जा शक्ति है उसे घूमते रहने दीजिए ये जितने रोटेट होगी एनर्जी उतनी ही बढ़ सकती हैं। धन का घूमते रहना यानी एनर्जी एक्सचेंज।

3. धन को आकर्षित करिए invite कीजिए सिर्फ़ पूजा करते वक्त या दीवाली के दिन लक्ष्मी पूजन के दिन बल्कि रोज ख़ुद से कहिए मै अपने काम में सफल हो चूका है और माता लक्ष्मी जी मुझ पर प्रसन्न है। मुझ पर धन की वर्षा बरसा रही हैं।

4. हमेशा समय पर लाइट बिल, society bills, phone bill सभी समय पर भर दीजिये बिल तो भरोंगे ही समय पर नहीं तो देर से ही जो दंडित रुपए को जोड़कर बेहतर हैं समय पर भरकर आपके पैसे भी बचेगे।

5. कभी किसी को भी सैलरी देते वक्त या किसी दुकान में सामान खरीदने के बाद बिल चुकाते वक्त हाथों में पैसे पकड़ाइए टेबल या काउंटर पर रखकर छोड़े नहीं हाथ में देने से उर्जा शक्ती एक्सचेंज होती हैं।

6. आपका जो भी काम या जॉब हैं उसे सम्मान करिए, अपने काम से संतुष्ट रहकर प्यार करिए दिल से। तिरस्कार मत करिए ख़ुद के ही काम को चाहे वह छोटा ही क्यों ना हों यदि आप इससे भी अच्छा और बड़ा कुछ करना चाहते हो ऐसा कहिए पॉजिटिव तरीके से ये मेरा काम अच्छा है मै इससे भी बड़ा और अच्छा करना चाहता हूं।

7. कई लोगो को आदत होती हैं उनके घर पर जो काम करने वाले सेवक उनको समय पर पगार या मुआवजा नहीं देंगे चाहे वे गरीब कहे साहब पगार दे दीजिए मुझे जरुरत है। ऐसे लोग जो आपकी सेवा का कार्य करते है और आप पर ही आश्रित हैं उन्हे इस तरह लटका कर तरसा तरसा कर पगार मत दीजिए । समय और जरुरत पर नहीं देने से स्वयं के लिए ही नेगेटिव ऊर्जा क्रिएट करने से हम किसी और से पैसे लेते वक्त कोइ और भी हमे घुमा घुमा कर पैसे देंगा।

8. रात को सोते वक्त एक बात का जरुर ध्यान रखिए आप जिनमें रुपए पैसे रखते हो चाहे वह आपकी पैंट हो या पर्स आपके सिरहाने या तकिये के पास रखकर मत सोइए। रात को सोते वक्त हमारी उर्जा की frequency अलग होती हैं पैसों की ऊर्जा अलग।

9. कितने लोगों को आदत होती हैं कहने की अमीरों के बच्चे तो बिगड़े हुए रहते पैसा आने से बच्चे बिगड़ जाते हैं। घर बिखर जाता हैं रिश्तों में खटास आ जाती हैं। इस तरह की विपरीत सोच मत रखिए धन के लिए। ऐसा सोचने और कहने से आपके पास आता हुआ धन भी रुक सकता है।

10. यदि आप सक्षम हो किसी को पैसो की मदद करने में तो जरुर करिए। किसी जरूरतमंद को देने से उसके रुके कार्य संपूर्ण होंगे। उसे भी ख़ुशी होगी दिल से एहसान भी मानेंगे। किसी के चेहरे पर आप मुस्कुराहट लाने का काम करोंगे तो इश्वर भी आपकी झोली खुशियों से भर देगा।

माता लक्ष्मी की स्थिरता के लिए उपाय

जिस घर में स्त्रियों की चाहे पत्नी बेटी या बहू कोई भी हो सम्मान नहीं दिया जाता और उसे अपमानित और प्रताड़ित किया जाता। उसे एक तुच्छ की तरह समझा जाता हो ऐसे लोगों के पास से माता लक्ष्मी रूठ कर चली जाती हैं।

जो लोग टोनाटोटका या black Magic जैसे क्रियाओं का इस्तेमाल दूसरों की बर्बादी के उद्देश्य से करते हैं ऐसे लोगों के पास धन कभी आ ही नहीं सकता।

जिस घर में positivity और positive energy हो एवम घर के सदस्यों के बीच आपस मे प्रेम विश्वास हो और हृदय में positive thoughts होने से मां लक्ष्मी रास्ता ढूंढते हुए आपके घर पहुंच जाएगी।

जो पर स्त्री के लिए गंदे विचार और ना ही आचरण रखते हैं ऐसे व्यक्तियों के ऊपर माता लक्ष्मी विशेष रूप में प्रसन्न हो सकती हैं।

कई बार मंदिरों में फूल बेलपत्र इत्यादि जो भी ईश्वर को अर्पित करते है उस पर गलती से भी पैर से कुचलने या लांघने से भी माता लक्ष्मी जी उस घर से हमेशा के लिए चली जाती हैं।

जो पैर से पैर रगड़कर पैरों को साफ करता हो साथ ही कहीं भी थूकने की जिसकी आदत है और तो और कई लोग तो toilet करने के बाद flush भी नहीं करते यानी दूसरा कोई आपकी गंदगी साफ कर रहा है तो आप ही कहिए माता लक्ष्मी कैसे ऐसे लोगों के पास आ सकती हैं।

आलसी, निकम्मे और कामचोर लोग या जो लोग पुरा दिन बिस्तर पर बिना कारण पसरे पड़े रहते और तो और बिस्तर पर ही बैठकर खाना खाने की रोज की आदत हो। बीमार व्यक्ति ना हो तो आप ही कहिए माता लक्ष्मी कैसे प्रसन्न हो सकती हैं।

जो लोग खुद से गरीब लोग या अभावग्रस्त या मजबूर लोगों के साथ बहुत ही तुच्छ व्यवहार करे और उन्हें अपने से कम दर्जे का समझकर अपमानित करता रहता हों और जिसकी वाणी में भी अहंकार स्पष्ट दिखाई देता हो तो ऐसे लोग को पास से आई हुई लक्ष्मी पलट कर चली जाती है। ऐसे व्यक्ति कितना भी पूजा पाठ करें उन्हें माता लक्ष्मी की कृपा नहीं मिल पाती।

जिस व्यक्ति की नियत मे ही खोट है और जो बिना मेहनत के ही धन अर्जित करने की मंशा रखते है। उधार लिया हुआ पैसा भी लौटाने की नियत ना हो और झूठ का सहारा लेकर पैसे देने के लिए टालमटोल करते रहते हैं तो ऐसे लोगों की जिंदगी में मां लक्ष्मी का कभी भी आगमन हो ही नहीं सकता।

जो बासी अशुद्ध भोजन का सेवन करता हो और जिनके घर में गंदगी हैं। बाथरूम में अस्वच्छ पड़े हो और घर में धूल मिट्टी और मकड़ी के जाल दिखाई दे रहे हैं गंदे कपड़े बर्तन जमावड़ा हो ऐसे लोगों से माता लक्ष्मी दूर ही रहना पसंद करती है।

आपको कैसे लगे ऐसे उपाय जिसे करने से होती हैं घर में धन की वृद्धि जरुर comments करके बताइए।

हरे कृष्ण राधे कृष्ण 🙏🙏

ॐ नमः शिवाय 🙏🙏

मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए करे ये उपाय, बनी रहेगी मां की कृपा Maa Laxmi Ko Prasann Karne K Liye Kare Ye Upay

माता लक्ष्मी जी की कृपा हर कोई चाहता है। आज संसार में हर मनुष्य की यहीं चाहत है कि धन अर्जित करके जीवन का हर सुख का अनुभव करे, आनंदित होकर जीवन व्यतीत करें। माता लक्ष्मी जी धन और भाग्य की देवी हैं। मनोकामना पूर्ण करने की शक्ती हैं देवी मां मे।🙏🌹

माता लक्ष्मी जी की महिमा

माता लक्ष्मी जी के नाम में ही लक्ष्य छिपा हुआ है। यदि देवी मां की कृपा पाना चाहते हो तो जीवन में एक लक्ष्य जरुर निर्धारित करे। जो लोग लक्ष्य निर्धारित कर उसे पूर्ण करने के लिए सच्ची मेहनत और लगन से जुट जाते हैं माता लक्ष्मी जी उन पर प्रसन्न होकर उनके यहां स्थाई स्थान बना लेती हैं। माता लक्ष्मी एक शुभ उर्जा हैं, इनकी शुभता और ऊर्जा वहीं पा सकता हैं जो अपने लक्ष्य को पुरा करने में सक्षम हो।

माता लक्ष्मी जी का स्वरूप अत्यंत सुंदर और आकर्षक है। माता लक्ष्मी जी सिर्फ धन के लिए ही नहीं पुजी जाती बल्कि। हम उनसे ये कामना करते हैं कि हम जो भी मेहनत कर रहे हैं उसका हमे उचित फल प्राप्त हो। माता लक्ष्मी जी कमल से जुड़ी हुई हैं, कमल जो कीचड़ में भी खिला हुआ रहता हैं। बहते पानी में भी स्थिर रहता हैं इसके पीछे भी एक संदेश छुपा हुआ है। धन जो है एक सकारात्मक ऊर्जा हैं। यदि हमने केवल धन ही संचित करते रहें, उचित जगह पर, उचित समय पर खर्च नहीं किया तो वह ऊर्जा ब्लॉक हो जाती हैं, जो आपके घर में धन का बहाव हो रहा हैं वह रुक जाता हैं।

माता लक्ष्मी जी की आराधना

माता लक्ष्मी जी की आराधना का तात्पर्य यह नहीं कि पुरा दिन उनके भजन करना या जाप करना, बाकी के समुचित जीवन का कार्य नहीं करना बल्कि देवी मां प्रसन्न हो वे सब कार्य करना। चलिए फिर देखते हैं माता को किन किन बातों से प्रसन्नता मिलती हैं।

  1. जिस घर पर अन्न का सम्मान होता हैं, सम्मान का तात्पर्य अन्न की बर्बादी ना करना। आधा खाकर आधा कचरे के डिब्बे में फेक देना अन्न का अपमान करना ही हैं। फेकने से बेहतर हैं किसी भूके जरूरत मंद को खिला दिया जाए। ऐसा करने से भी माता लक्ष्मी जी की कृपा प्राप्त की जा सकतीं हैं।
  2. जिस घर में पितृदोष ना हो या पितृदोष हो तो भी यदि पितृदोष का निवारण कर लिया गया हो। हमारे हिन्दू सनातन धर्म के अनुसार पिंडदान, तर्पण, हवन विधिवत कर लिया गया हो, ऐसे घरों में भी माता लक्ष्मी जी अपना निवास स्थान बना सकती हैं।
  3. जो घरों में नियमपूर्वक साफ सफाई कर दी जाती हो, दीवारों पर मकड़ी के जाले ना हो, बाथरूम, वाशबेसिन, सिंक की समय समय पर सफाई होती रहती हो। घर के सभी सदस्य रोज सुबह नित्य समय पर स्नान आदी से निवृत् होकर धुले साफ सुथरे वस्त्र धारण करते हो। जहां पर गंदे बीना धुले कपड़ों का ढेर ना लगा हो, ऐसे साफ सुथरे स्वच्छ घरों में माता लक्ष्मी का वास हमेशा हो सकता हैं।
  4. जिस घर में बुजुर्ग माता पिता हो, उनका आदर सममान घर के मुखिया या आदरणीय समझ कर रखा जाता हो। तिरुस्कृत या एहसान नहीं दिखाया जाता उनके कोइ भी कार्य के लिए, ऐसे घरों पर माता लक्ष्मी जी अपनी कृपा जरुर बरसाती हैं।
  5. जिस घर में आलसी निकम्मे कामचोर लोग ना हो, जिनकी दूसरों को लूट कर ख़ुद खाने की नियत ना हों, घर की स्त्रियों को सम्मान की दृष्टि से देखा जाता हो, पुरूषों के बराबरी से सम्मान दिया जाता हो, पराई स्त्रियों पर कुदृष्टि नहीं डाली जाती हो ऐसे भाग्यवान लोगो के यहां माता लक्ष्मी जी का आगमन होकर रहता हैं।

6. जिस घर मे टूटे फूटे बर्तन इस्तेमल नहीं करते हो, बीना काम की चीजें फालतू का कबाड़ जमा किए नहीं हो, फैशन के नाम पर फटे कपड़े पहने नहीं जाते हो, किचन में बासी अनाज की बदबू और झुटे बर्तन का ढेर ना हो ऐसे घरों में माता लक्ष्मी जी ख़ुशी से रहती हैं।

7. कितने लोगों को पैर पटक पटक कर चलने की आदत होती हैं या पैर घसीटते हुए चलेंगे, बैठने पर भी पैरों को हिलाते रहेंगे, पैरों की सफाई करते वक्त पैरों को आपस में रगड़कर साफ करेंगें। ऐसे घरों में भी माता लक्ष्मी अपना स्थाई स्थान नही बना पाती।

8. घर के मंदिर में बासी पुष्प ना पड़ें ही,धूल ना जमी हो, आपके लॉकर में भी पुराने बिल, कागज के टुकड़े ना पड़े हों, नोट बिखरे पड़े ना हों, एकसाथ व्यवस्थित जमा करके रखी गई हो। पर्स में भी सही तरीके से रखे गए हों, यहां लक्ष्मी जी अपनी कृपा जरुर दिखात हैं।

9. आपका ख़ुद का बिजनेस या ऑफिस हैं तो आपके नीचे काम करने वालो को जरुर ख़ुश रखिए। समय पर पगार दीजिए, उनकी जरूरत पड़े तो आर्थिक मदद भी कीजिए। बोनस मेडिक्लेम की भी सुविधा दी जा सकती हैं। आपके ऊपर आश्रित लोगो को आप प्रसन्न रखोंगे तो माता लक्ष्मी जी आपके ऊपर जरुर प्रसन्न होंगी।

10. जिन घरों में नित्य पशु पक्षी को भी दाना पानी दिया जाता हो, घास चारे को भी दान करें जानवरो के लिए और भुके जानवरो को भोजन कराएं ऐसे लोगों से माता लक्ष्मी जी भी प्रसन्न रहती हैं।

11. सदा सत्य पर चलनेवाले व्यक्ति जो दूसरों के प्रति दया भाव रखते हो, दूसरों की मदद करने के बाद स्वयं आनंदित महसूस करते हो। दूसरो के दुःख कष्ट में निस्वार्थ भाव से सहायता करते ऐसे व्यक्ति के ऊपर माता लक्ष्मी जी की कृपा हमेशा बनी रहती हैं।

12. जिस घर में रोज दिया बत्ती होती हो देवी देवता की आराधना करते हो, रोज ईश्वर के आगे रोज भोग लगाया जाता हो, लक्षमी जी के साथ गणेशजी और विष्णु जी की भी पूजा साथ में की जाती हैं। उस घर में माता लक्ष्मी जी प्रसन्न होकर रहती हैं।

Conclusion माता लक्ष्मी जी धन की और भाग्य की देवी है कामना की देवी भी कह सकते हैं। हर कोइ धन अर्जित कर जीवन में हर सुख समृद्धि पाना चाहता है। माता लक्ष्मी जी को प्रसन्न कैसे किया जाए। माता लक्ष्मी एक शुभ ऊर्जा हैं। इनकी शुभता और आशीर्वाद वहीं पा सकता हैं जो अपने जीवन में लक्ष्य पुरा करने की क्षमता रखता हो। माता लक्ष्मी जी को क्या क्या ना पसंद है यदि हम वही गलती करते है तो माता लक्ष्मी प्रसन्न नही हो पाते उनको प्रसन्न करने के लिए क्या उपाय करें सब इस वीडियो में डिटेल में बताया है। आप ये वीडियो पुरा जरुर देखिए जय मां लक्ष्मी तेरा आशीर्वाद सदा सब पर बना रहे।

Free Chakras Test , Which Chakras Is Out Of Balance In Hindi

आप ने जो भी उत्तर चुना, उसके द्वारा कितने चक्र ब्लॉक है वह जानने के लिए होम पेज पर आइए, धन्यवाद्।

श्रीं कृष्ण और अर्जून संवाद जो आज के कलयुग का सत्य है, श्री कृष्ण की धर्म निति

युद्ध के मैदान में अर्जुन युद्ध करने के पक्ष में बिल्कुल नहीं था। वह श्री कृष्ण से यहीं बार बार कह रहे थे ये सब मेरे कोइ ना कोइ रिश्ते में लगते हैं। मै कैसे इनके साथ युद्ध करू युद्ध में यदि अर्जुन द्वारा वीरगति को प्राप्त हुए तो मेरे हाथो से ये अनर्थ कैसे होने दू। इस तरह श्री कृष्ण और अर्जुन के बीच के संवाद हो रहे हैं।

न च शकनो मयवस्थतुम ब्रह्मतिव च मे मन:।

नीमितानी च पश्यमी विपरीतानि केशव।।

इस भगवदगीता के श्लोक में अर्जुन स्वयं को असहाय सा महसूस कर रहा है। क्युकी अर्जुन को भौतिक वस्तुओं से आसक्ति के कारण अर्जुन की ये स्थिति हो रहीं थीं।

अर्जुन युद्धभूमि में खड़े होकर खुदको युद्ध करने के लिए तैयार नहीं कर पा रहे थे। रह रह कर अर्जुन को यही विचार आ रहे थे यदि युद्ध में जीत हासिल कर ली तो भी यह हार है उसकी।

जीवन की सबसे बड़ी पराजय साबित होगी उसके जीवन की। युद्ध में खड़े सारे महारथी उसके अपने ही थे ।

अर्जुन के दिल में यही एक बात चुभे जा रहीं थीं कि इनकी हत्या युद्ध में करना भी उसके लिऐ महापाप होगा। ऐसी जीत हासिल करने की उसकी तनिक भी इच्छा शेष नहीं है अब उसकी।

कृष्ण और भक्त

अर्जुन को भौतिक वस्तुओं से आसक्ति के कारण युद्ध करना जो उस वक्त उसका कर्म था । वह कर्म से दूर भाग रहा था वह ये तय नहीं कर पा रहा था कि अपने कर्म करे या कर्म के नाम पर युद्ध करें।

इस कलयुग में मनुष्य को ऐसे ही परिस्थिति से गुजरना पड़ रहा है। मनुष्य में स्वार्थ भावना अधिक जागृत हो चुकी हैं।

हर कोइ अपनी इच्छा के प्रति जरूरत से ज्यादा आसक्त है। इच्छा मनोकामना पूर्ण करने में ही संलग्न हैं। सांसारिक मोह में हर प्राणी फसा हुआ है।

ईश्वर की पूजा आराधना मानो अभी श्लेष मात्र रह गई है। ईश्वर भक्ति मनुष्य के हृदय से गायब हो रहीं हैं सांसारिक मोह के कारण।

श्री कृष्ण ही सर्वत्र हैं कृष्ण पर ही आस्था से हम इस माया रूपी संसार से तर पाएंगे। ये भावना सुप्त अवस्था में जा रहीं हैं। कृष्ण भक्ति से मनुष्य का उद्धार है।

ये संपूर्ण संसार के रचयिता भगवन श्री कृष्ण ही है। जिन्होंने ये संसार को रचा उनको सच्चे मन से आत्म समर्पण का भाव रखें तो वह हमें संसार के सारे दुखों से छुटकारा दिलवा सकते है

कृष्ण भक्ति

ईश्वर भक्ति भी एक कार्य के समान रह गई है। सद्भावना ईश्वर के प्रति आसक्ति नाममात्र केवल कोइ कार्य संपूर्ण और सफल हो उसके लिए ईश्वर का ध्यान किया जाता हैं।

नित्य प्रतिदिन ईश्वर भक्ति के लिए समय की कमी का बहाना बना दिया जाता हैं। ईश्वर भक्ति को रुपए पैसों से तोला जा रहा हैं।

जिनके पास धन दौलत अधिक है वे उतना अधिक दान दे तो ऐसे लोग ईश्वर के सच्चे भक्त कहे जाते हैं। जबकि श्री कृष्ण भगवान को दान धन दौलत से कोई सरोकार नही उन्हें तो उनके सच्चे मन से भक्ति करने वाले भक्त की तलाश हैं।

लालची भक्त भी नहीं पसंद करते भगवान श्री कृष्ण जो कहे मेरा ये फला फला काम कर दे तो इतने का प्रसाद चढ़ाऊंगा मंदिर की सीढ़ियां बनवा दुंगा या इतने दिनों तक व्रत करूंगा।

श्री कृष्ण सिर्फ भक्त की सच्चे दिल से भक्ति चाहते और कुछ नहीं। जो किसी भी लालच के उन्हें मनन चिंतन करे। इस कलयुग में हर जगह व्यापार ही है। ईश्वर के साथ भी सौदा होना शुरू हो गया।

श्री कृष्ण उन भक्तों की खुद रक्षा करते जिनके मन में निरंतर आत्मचिंतन चलता रहता। भक्तों पर कोइ भी मुसीबत आने नही देते। मुसीबत आने से पहले ही टल जाती हैं।

यदि कर्मो का हिसाब चुकता करना ही हैं तो श्री कृष्ण खुद उस सच्चे भक्त को सहारा देते हैं ताकि वह आसानी से उस बुरे समय से सुरक्षित निकल जाए और उसके कर्मो का हिसाब भी पुरा हो जाए। इस कलयुग में मनुष्य ये सब भूल चुके हैं।

श्री कृष्ण ही सब कुछ है और संसार एक माया है। संसारिक मोह एक चक्रव्यूह के समान है जिसमे जीवात्मा बुरी तरह फसी है, उसमे से निकलने की भी चाहत नहीं हैं। फसकर रहने में ही आनंदित हुए जा रही है।

श्री कृष्ण की धर्म निति

श्री कृष्ण स्वयं धर्म है वे खुद कुदरत के नियम विरुद्ध कभी नहीं जाते। वे हमेशा धर्म की राह पर चलते हैं । चाहे उनका कोई कितना भी प्रिय क्यों न हों यदि वह अधर्म की राह पर है वे कभी उसके पक्ष में नहीं होंगे।

भगवान श्री कृष्ण ने ही उत्सव मनाने की शुरुआत की जिसके पीछे श्री कृष्ण यही उद्देश्य था कि उत्सव से लोगों में मेलजोल बढ़ने से हर्षोल्लास का माहौल हो सके और लोगों में आपस मे प्रेम और एकजुटता आ सके।

उत्सव मनाने से लोगों में नकारात्मकता, उदासीनता, एकाकीपन, समाप्त हो कर सकारात्मकता उत्साह बढ़ाते हैं। उत्सव में मनोरंजन और उधम के बहाने ढूंढे जाते है जिससे मनुष्य अपनेआपको निरोगी और स्वस्थ महसूस कर सके यही श्री कृष्ण का मकसद था उत्सव की शुरुआत करने की।

जब श्री कृष्ण ने भगवदगीता सुनाई अधिकतर लोग यही समझते है कि केवल अर्जुन ने ही सुनी बल्कि अर्जुन के अलावा हनुमानजी और संजय ने भी सुनी। क्योंकि हनुमानजी कुरुक्षेत्र की लड़ाई के दौरान अर्जुन के रथ के शीर्ष पर आसीन थे और ऋषि वेदव्यास ने संजय को दिव्य दृष्टि ज्ञान का आशीर्वाद दे रखा था ताकि वह धृतराष्ट्र को युद्ध का आंखो देखा हाल सुना सके।

conclusions

अर्जुन जिस तरह युद्ध के मैदान में खड़ा असमंजस की स्थिति से गुजर रहे थे उसी तरह आज का मानव खुद के ही कर्मो के बोझ तले दबा हुआ हैं। आज के इन्सान ने खुद के लिए ही सख्ती का माहोल बना रखा है खुद के ही मकड़जाल में फसता जा रहा है रोज।

खुद के ही जेल में कैदी बना मानव भी असमंजस की स्थिति में भटक कर रह गया है। अब इस पार जाए या उस पार उसे ही नहीं पता चल रहा है।

जय श्री कृष्ण 🙏🙏🙏🙏

जूतो से जुड़ा होता है किस्मत का कनेक्शन जानिए अनोखी बाते

महिलाओं के पास तो फैशन करने, स्टाइल में रहने के कई तरीके हैं। पुरूषों के पास बहुत ही सीमित तरीके हैं फैशन करने के लिए, तैयार होकर अपने शौक पूरे करने के लिए। इनमें से जूते पहनने के स्टाइल भी है, मार्केट में कई प्रकार के जूते उपलब्ध हैं। जैसे जो व्यक्ति की जैसे शौक या पसंद है वैसे वे पहनते हैं। उनकी इन्हीं पसंद और जूते पहनने के स्टाइल से हम जानेंगे उनके स्वभाव के बारे में। अधिकतर जेंट्स की स्वयं के पहनावे से अधिक परफेक्शन पर ध्यान देते, या simplicity is forever को फॉलो करते है। जूते पहनने की बात करे तो उनके केवल जूते पहनने के स्टाइल से, जूते की चॉइस से हम आपको आज उनके स्वभाव के बारे में बताते हैं।

ट्रैकिंग शूज

ट्रैकिंग शूज पहनने वाले ऊपर से अपने आपको टफ और स्ट्रॉन्ग दिखान का दिखावा करते हैं। उनकी पूरी कोशिश यही रहती हैं कि सब उन्हें फ़ौलाद दिल का समझे। पर हकीकत में ये अंदर से soft hearted होते हैं। इन्हें ज़िंदगी में हमेशा कुछ न कुछ नया करना चाहिए ऐसा स्वभाव रहता हैं। कुछ न कुछ खोज करना, आविष्कार करना,new adventure पर जाना इनके खास शौक है। कुदरत के करीब रहना इन्हे बहुत पसंद हैं। पहाड़ों पर ट्रैकिंग के लिए जाना , पानी में तैरना से लेकर पैराशूट से हवा में उड़ान भरने से ट्रैकिंग शूज पहनने वाले को कोइ नही रोक सकता।

Retro nikies shoes,

Nikie shoes

ये जूते पहनने वाले लोग फैशनेबल होते हैं। इन्हें फैशन परस होने से कोइ नही रोक सकता। इन्हें टॉप टू बॉटम up to date रहना बहुत पसंद हैं। जो दुनिया में फैशन चल रहा है उसी प्रकार से ये फैशन के साथ कदम से कदम मिलाकर चलते हैं। जो मार्केट में फैशन के अनुसार चलन होगा, इन्हे वे खरीदकर जल्द से जल्द अपनाने के शौकीन होते है। हालांकि ये अपनेआपको सबके सामने कैसूअल होने के दिखावे में सफल नहीं हो पाते, नॉर्मल दिखने की कोशिश में भी कामयाब नही हो पाते।

हवाई चप्पल

हवाई चप्पल पहनकर लोग हवा में महल बांधते हैं, ना ना ऐसा किसने कहा आपसे😂 ये ज़िन्दगी को पुरा आनंद लेकर जीने में विश्वास रखते हैं। जिन्दगी को कैसे जी जाए इनसे सीखा जा सकता हैं। ये फ्री माइंड के लोग होते हैं। जिन्दगी को मदमस्त होकर मस्तमौला की ज़िंदगी जीना पसंद करते हैं। एक एक पल को खुशनुमा होकर जीना चाहते हैं। चाहे खुद पर दुखों का पहाड़ क्यू ना टूट पड़े, मुस्कुराते हुए झेल लेने की क्षमता रखते हैं। दुःख में से भी सुख के पल ढूंढ ही लेते है। कितने भी असफल क्यों न हो, अपनी नाकामयाबी के दुखड़े कभी किसी के सामने नही रोएंगे। क्या मिला या ना मिला ये सब बातो से परे, उन्हें क्या मिला और उनके पास हाल फ़िलहाल क्या है उसी में खुश रह कर आनंदित, उत्साहित रहते। खोया क्या पाया क्या सब भूलकर मस्ती में जीवन जीने में विश्वास रखते हैं।

Dessert boot 🥾

Dessert 👢 पहनने वाले लोग महिलाओ को पहली पसंद हैं ऐसा माना जाता हैं। ये लेटेस्ट फैशन, डिजाइनरों पर फिदा रहते है। जो प्रोडक्ट मार्केट में नया आया हैं चाहे इनके वह जरूरत का हो या नही हो बीना सोचे समझे कुछ भी खरीदने की गलती बहुत बार कर लेते है। इन लोगो को सब सामने खुद को मॉडर्न फैशनेबल दिखाई देने का शौक रखते हैं। इस बात को वे खुलकर प्रदर्शन भी करते है। मार्केट में हर प्रोडक्ट की जानकारी, डिटेल में इनके पास ज्यादातर उपलब्ध होती हैं।

Canvas shoes 👟

कैनवस शूज पहनने वाले लोग सादगी से जीवन व्यतीत करना पसंद करते हैं। ये अधिकतर लकी होते हैं, इनके सौभाग्य के कारण कामयाबी की सीढ़ी जल्दी चढ़ जाते हैं। ये दिखने में आकर्षित होते हैं। ये प्यार लेने में और प्यार देने में बहुत विश्वास रखते हैं। इन्हे हर चीज मैचिंग पहनना बहुत पसंद हैं। इनके रहने का तरीका अलग होता हैं, ये अपने स्टाइल से जीते हैं। ये लड़कियों के मामले में बड़े चूज़ी होते हैं, ये हर लड़कियों को पसंद नहीं करते। लड़कियां भले ही पसंद कर ले, पर ये लोग लड़कियों के मामले देख परख कर ही पसंद करते है।

How To Go On Spiritual journey

Have you ever think 🤔 why you are facing never ending problems.Not getting solutions yet. But is it possible?Search solutions for our depressed 😔 life. Yes it’s possible only by walking on spiritual path.

spiritual journey

So first we understand that we all are soul’s we are energy that’s why we feel positive and negative vibes. As your soul get ready to start to travel on spiritual path automatically you may started to get solutions for your queries.

As you move on spiritual path step by step you can able to start dissolving your bad karmas, your negative energy stuck to your chakras which blocked your chakras further it’s create hurdles in your life.

We face unsuccessful , sadness, insecurity,bad relationship, financial issues in our life.But by being a spiritual is boon of God 🙏 or nature.

You feel like an event when god bless you and pleased you as his child.Than several bombs 💣 will utter blast in your heart ❤️ with unlimited unexplained never ending happiness.

Than you understand meaning of spiritual journey

spiritual pathway definition

Definition of spiritual pathway is very simple. By doing meditation and by going in meditative mode you leads to self awareness.

You able to know about yourself.You realize what is reality for taking birth as human beings. Still now what you have not done and now what to do ,you able to know your purpose of your taking birth.

YOU leads to self awareness so you can begin to recognise that we doesn’t come on this Earth to take a bulk of, lot’s bundle to carry stress, tension and negativity.

Until and unless person is ready to walk on spiritual path only when they seek their inner peace. Majority of human being is unaware of the need of inner peace, positivity and peacefulness of mind body and soul.

They are plagued by anxiety, fear, depression, insecurity, mental exhausting and spiritual poverty. They do not know that by searching solutions in outer world is more complicated and hectic.

They will not get nothing. Only by walking on spiritual path means by doing meditation only they get mental peace medicine that is capable of curing what ails them.

spiritual journey pathway,

Spiritualism meaning meditation and meditation means to flow inside your world which is so much huge and wide than outer world even we can’t imagine so much.

Meditation is dhyaan in sanskrit which basically means attention. Bringing our attention inside your world repeatedly.

As we spend much time in meditation, our time can strength our awareness. As awareness grow more and more we experience anything that we ever have just like a moment of great happiness.

Through meditation it can develop the focus required to go to that particular source,we want to achieve. Burn our past karmas by doing regular meditation and healing even our present birth and past birth also. Which we carry out so many collection of negative energy and bad karmas since so many births.

Because of it we are taking birth again and again this bunch of rigid karmas also burning by walking on spiritual journey. Hang out without creating new karmas able to dissolve all issues of our lives.

By doing all this spiritual activities it’s bring benefits in four levels that is physically, mentally, psychological and spirituality.

spiritual journey gifts

Spiritualism gives you the confidence that you are large than your demon’s means your life related problems which is stuck and giving you continuously hurting situation.

You will reach at harmonious state of mind. That is the greatest wonder of spiritual journey. Much more practice of meditation we can still the mind, ready to enter pure consciousness.

Even while doing meditation you reach deeply in your inner world even transcend consciousness beyond the body. You will have greater magnetism and will be able to attract more of your desires into your life.

You will feel more connected to yourself to your own world. Easily you can understand with the other people vibes that which person is your good friend and which is your enemy’s, Just by easy judgement you can able to cut from you and walk out from them.

It will also reduce such many of the negative things going on in your life right now. So be ready for a great exploration of your life.

By walking on spiritual path and becoming part of universe. So what for you are waiting for just start from now only. 👍🙏

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